Author: mani

ग़ज़ल

आना क़ज़ा का लाज़मी |कर मिन्नतें या बंदगी |जब भी दग़ा साँसे करें |हो ख़ाक जाये जिंदगी ||जाना सभी ने बारी से |मेहमाँ जहां में आदमी ||सब छोड़ जायेगा …

टैग

टैग नाम की बीमारी फेसबुक पर छाई,इस ने रोजाना पोस्टो की गिनती बढ़ाई,करते कवि एक साथ सब को पोस्ट टैग,अलग अलग पोस्ट करने की चिंता घटाई,बड़े नाम वाले करे …

ग़ज़ल-सुलगते हुये लफ्ज़ सबकी जुबां पर |

सुलगते हुये लफ्ज़ सबकी जुबां पर | जले है घरौंदे जो देखो यहाँ पर ||छिपाये हंसी में बशर साजिशो को |गले लग करे वार जाने कहाँ पर || जमीं …

“भारतीय नारी”—–मनिंदर सिंह “मनी”

प्राचीन काल से ही नारी का विशेष स्थान रहा है हमारे समाज में | गीता में एक श्लोक कहा गया है यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता अर्थात जहाँ …

नज़्म-आज सरहद करे बात सरहद से मिल….मनिंदर सिंह “मनी”

आज सरहद करे बात सरहद से मिल |कुछ गिले कर लिए आज आपस में मिल ||बहा है खून बेटो का दोनों तरफ |कौन किसका करे बात सारी ये मिल …

ग़ज़ल- बहे अश्क यूँ दर्द के आज आँखों से मेरी…मनिंदर सिंह “मनी”

बहे अश्क यूँ दर्द के आज आँखों से मेरी |लिया कर किनारा हो तुमने अदाओ से मेरी ||सजी मेरी महफ़िल सनम सिर्फ तेरे लिये ही |लगे बेखबर तुम मुझे …

ग़ज़ल-खुशबू चमन की मेरे कोई ले गया–मनिंदर सिंह “मनी”

खुशबू चमन की मेरे कोई ले गया |नफरत भरी कैसी फ़िज़ा ये दे गया ||कहती दिखे दुनिया गमो की बात को |जाने ख़ुशी के कौन सब पल ले गया …

gazal-दर्द छिपा कर हँसता हूँ मैं—मनिंदर सिंह “मनी”

दर्द छिपा कर हसता हूँ मैं |मन मौजी सा लगता हूँ मैं ||कोई क्या जाने मेरे दिल |हर लम्हा ही जलता हूँ मैं ||कहने की चाहत है मुझ को …

ग़ज़ल-छलकता अश्क आँखों से लिये खुद में कहानी है–मनिंदर सिंह “मनी”

छलकता अश्क आँखों से लिये खुद में कहानी है | कहीं दिल की तड़प सा तो कहीं ये सिर्फ पानी है || कभी दिल में सजे सपनो को पूरा …

ग़ज़ल- नहीं दिख रहा जग में कोई बशर सा…मनिंदर सिंह “मनी”

नहीं दिख रहा जग में कोई बशर सा |खत्म ही लगे अब नेकी का असर सा ||खबर क्या किसी को डगर की बताओ |पहेली लगे जिंदगी का सफर सा …

ग़ज़ल-मुझे तुम छोड़कर तन्हा कहाँ जाने लगे दिलबर-मनिंदर सिंह “मनी”

मुझे तुम छोड़कर तन्हा कहाँ जाने लगे दिलबर |कभी हम थे तेरे ही अब किसे पाने लगे दिलबर ||किये वादे कभी मुझसे न छोड़ोगे अकेले तुम |भुला वादा किसे …

ग़ज़ल- वो हमें देखकर मुस्कुराने लगे |

वो हमें देखकर मुस्कुराने लगे |हाल नज़रो से दिल का बताने लगे ||है उठाते गिराते लटों को कभी | वो अदाओं की बिजली गिराने लगे ||हाल बेहाल दिखने लगा …

ग़ज़ल

हैं नहीं आग कलमों में पुरानी सी यारों | बात दिखती नहीं कोई सयानी सी यारों ||तेग बन क्यों नहीं चलती क़लम काग़ज़ों पर |कह न पाये क़लम दिल …

यूँ ही कुछ…..मनिंदर सिंह “मनी”

तुमने तो काट ली जिंदगी,काश में और आस में,हम से पूछ ऐ “मनी”ना जिया ना मारा जाये,तेरे दीदार की प्यास में,——————————-रात तो कट जाती है,तेरी यादों के सहारे,कटते नहीं …

इश्क की सजा—-मनिंदर सिंह “मनी”

कभी नीले आसमाँ के तले,हमनवां मुझे थे तुम मिले,नीले सागर के किनारे,नैन से नैन मिले हमारे,बैठा सपनो की किश्ती में,वादे हुये दिल की बस्ती में,खुशुबू तेरी है इस फ़िज़ा …

ग़ज़ल-नाम से तेरे ग़ज़ल लिख रहा हूँ-मनिंदर सिंह “मनी”

नाम से तेरे ग़ज़ल लिख रहा हूँ |बस खुदा का मैं फज़ल लिख रहा हूँ ||देख तुझ को हमनवां जीने लगा मैं |दिल का अपना ही खलल लिख रहा …

सनम-मनिंदर सिंह “मनी”

लौट सनम तू आ जा मेरे,खोयी मैं सपनो में तेरे,तू ही तू नज़रो में मेरे,नाम सिर्फ दिल तेरा फेरे,नहीं पता मैं कब से सोयी,बैठ अकेले मैं तो रोयी,बीत रही …

ग़ज़ल- कब से मेरा तडपे हैं दिल-मनिन्दर सिंह “मनी”

कब से मेरा तडपे हैं दिल ।अाकर मुझ को साजन तू मिल ।।यादों में तेरी खोया मैं ।दिल में मेरे तू बस कर खिल ।। दीवाना कह कर मारे …

गीत-राह उम्र भर देखूंगी तेरी-मनिंदर सिंह “मनी”

राह उम्र भर देखूंगी तेरी,जिद है ये खुद से मेरी कहे जमाना कुछ भी मुझ को,रब है माना मैंने तुझ को,मेरी हर धड़कन है तेरी, राह उम्र भर देखूंगी …