Author: मदन मोहन सक्सेना

आजकल का ये समय भटका हुआ है मूल से

प्यार की हर बात से महरूम हो गए आज हमदर्द की खुशबु भी देखो आ रही है फूल सेदर्द का तोहफा मिला हमको दोस्ती के नाम परदोस्तों के बीच …

अब सन्नाटे के घेरे में ,जरुरत भर ही आबाजें

कंक्रीटों के जंगल में नहीं लगता है मन अपनाजमीं भी हो गगन भी हो ऐसा घर बनातें हैंना ही रोशनी आये ,ना खुशबु ही बिखर पायेहालत देखकर घर की …

अमन चैन से रहने बाले दंगे से दो चार हुए

कुर्सी और वोट की खातिर काट काट के सूबे बनतेनेताओं के जाने कैसे कैसे , अब ब्यबहार हुएदिल्ली में कोई भूखा बैठा, कोई अनशन पर बैठ गयाभूख किसे कहतें …

क्यों हर कोई परेशां है बगल बाले की किस्मत से

दिल के पास है लेकिन निगाहों से जो ओझल हैख्बाबों में अक्सर वह हमारे पास आती हैअपनों संग समय गुजरे इससे बेहतर क्या होगाकोई तन्हा रहना नहीं चाहें मजबूरी …

अब खुदा बँटने लगा है इस तरह की तूल से

प्यार की हर बात से महरूम हो गए आज हमदर्द की खुशबु भी देखो आ रही है फूल सेदर्द का तोहफा मिला हमको दोस्ती के नाम परदोस्तों के बीच …

किस को गैर कहदे हम और किसको मान ले अपना

दुनिया में जिधर देखो हजारो रास्ते दीखतेमंजिल जिनसे मिल जाए बह रास्ते नहीं मिलतेकिस को गैर कहदे हम और किसको मान ले अपनामिलते हाथ सबसे हैं दिल से दिल …

तन्हा रहता है भीतर से बाहर रिश्तों का मेला है

पैसोँ की ललक देखो दिन कैसे दिखाती हैउधर माँ बाप तन्हा हैं इधर बेटा अकेला हैरुपये पैसोँ की कीमत को वह ही जान सकता हैबचपन में गरीवी का जिसने …

क्या बताएं आपको हम अपने दिल की दास्ताँ

मिली दौलत ,मिली शोहरत,मिला है मान उसको क्यों मौका जानकर अपनी जो बात बदल जाता है किसी का दर्द पाने की तमन्ना जब कभी उपजे जीने का नजरिया फिर …

समय के साथ बहना ही असल तो यार जीबन है

गज़ब हैं रंग जीबन के गजब किस्से लगा करतेजबानी जब कदम चूमे बचपन छूट जाता हैबंगला ,कार, ओहदे को पाने के ही चक्कर मेंसीधा सच्चा बच्चों का आचरण छूट …

हालत देखकर मेरी ये दुनिया मुस्कराती है

जुदा हो करके के तुमसे अब ,तुम्हारी याद आती हैमेरे दिलबर तेरी सूरत ही मुझको रास आती हैकहूं कैसे मैं ये तुमसे बहुत मुश्किल गुजारा हैभरी दुनियां में बिन …

दौलत आज है तो क्या , आखिर कल तो जानी है

हर लम्हा तन्हाई का एहसास मुझको होता हैजबकि दोस्तों के बीच अपनी गुज़री जिंदगानी हैक्यों अपने जिस्म में केवल ,रंगत खून की दिखतीऔरों का लहू बहता , तो सबके …

तुम्हारी मोहनी सूरत तो हर पल आँख में रहती

तुम्हारी याद जब आती तो मिल जाती ख़ुशी हमकोतुमको पास पायेंगे तो मेरा हाल क्या होगातुमसे दूर रह करके तुम्हारी याद आती हैमेरे पास तुम होगें तो यादों का …

रिश्तों को निभाने के अब हालात बदले हैं

दीवारें ही दीवारें नहीं दीखते अब घर यारोंबड़े शहरों के हालात कैसे आज बदले है.उलझन आज दिल में है कैसी आज मुश्किल हैसमय बदला, जगह बदली क्यों रिश्तें आज …

हम भी बोले होली है तुम भी बोलो होली है .

मन से मन भी मिल जाये , तन से तन भी मिल जायेप्रियतम ने प्रिया से आज मन की बात खोली हैमौसम आज रंगों का छायी अब खुमारी हैचलों …

दुआओं का असर होता दुआ से काम लेता हूँ

हुआ इलाज भी मुश्किल ,नहीं मिलती दबा असलीदुआओं का असर होता दुआ से काम लेता हूँमुझे फुर्सत नहीं यारों कि माथा टेकुं दर दर पेअगर कोई डगमगाता है उसे …

ग़ज़ल( बीते कल को हमसे वो अब चुराने की बात करते हैं)

सजाए मौत का तोहफा हमने पा लिया जिनसेना जाने क्यों वो अब हमसे कफ़न उधार दिलाने की बात करते हैंहुए दुनिया से बेगाने हम जिनके इक इशारे परना जाने …

उसकी यादों का दिया अपने दिल में यार जलता है

मुसीबत यार अच्छी है पता तो यार चलता है कैसे कौन कब कितना, रंग अपना बदलता है किसकी कुर्बानी को किसने याद रक्खा है दुनिया में जलता तेल और …

ग़ज़ल (दुनियाँ जब मेरी बदली तो बदले बदले यार दिखे)

हिन्दू देखे ,मुस्लिम देखे इन्सां देख नहीं पायामंदिर मस्जिद गुरुद्वारे में आते जाते उम्र गयीअपना अपना राग लिए सब अपने अपने घेरे मेंहर इन्सां की एक कहानी सबकी ऐसे …

चाँद सूरज फूल में बस यार का चेहरा मिला

हर सुबह रंगीन अपनी शाम हर मदहोश हैवक़्त की रंगीनियों का चल रहा है सिलसिलाचार पल की जिंदगी में मिल गयी सदियों की दौलतजब मिल गयी नजरें हमारी दिल …

ग़ज़ल ( शायद दर्द से अपने रिश्ते पुराने लगते हैं)

वो हर बात को मेरी क्यों दबाने लगते हैंजब हक़ीकत हम उनको समझाने लगते हैंजिस गलती पर हमको वो समझाने लगते हैउस गलती को फिर क्यों दोहराने लगते हैंदर्द …

जिंदगी तुम हो हमारी और तुम से जिंदगी है

जानकर अपना तुम्हें हम हो गए अनजान खुद सेदर्द है क्यों अब तलक अपना हमें माना नहीं नहीं हैअब सुबह से शाम तक बस नाम तेरा है लबों परसाथ …

दूर रह कर हमेशा हुए फासले

दूर रह कर हमेशा हुए फासले ,चाहें रिश्तें कितने क़रीबी क्यों ना होंकर लिए बहुत काम लेन देन के ,विन मतलब कभी तो जाया करोपद पैसे की इच्छा बुरी …

दिल लगाकर कव किसी को चैन यारों मिल सका है

जिंदगी ने जिस तरह हैरान हमको कर रक्खा हैमन कभी करता है मेरा जिंदगी की जान ले लूँदिल लगाकर कव किसी को चैन यारों मिल सका हैपूजते पत्थर जहाँ …

प्यार ने तो जीबन में ,हर पल खुशियों को बिखेरा है

खुशबुओं की बस्ती में रहता प्यार मेरा हैआज प्यारे प्यारे सपनो ने आकर के मुझको घेरा हैउनकी सूरत का आँखों में हर पल हुआ यूँ बसेरा हैअब काली काली …

दर्द मुझसे मिलकर अब मुस्कराता है

दर्द मुझसे मिलकर अब मुस्कराता हैबक्त कब किसका हुआ जो अब मेरा होगाबुरे बक्त को जानकर सब्र किया मैनेंकिसी को चाहतें रहना कोई गुनाह तो नहींचाहत का इज़हार न …