Author: गोपू चार्ली

इन्सानियत का मतलब

मजहब बदलने से इन्सान नहीँ बदलते, कट्‌टरता से मोहब्बतोँ के पैगाम नहीँ बदलते, धर्म की दीवारेँ गिरा इन्सानियत के घर आना सिर्फ, मन्दिरोँ मेँ बैठने से कर्मोँ के अन्जाम …

माँ बाप के प्रति

उम्रभर उनके आँखोँ के हम सरताज होते हैँ, हमारी ऊँचाइयोँ के आधार माँ-बाप होते हैँ, मिटा खुद को अपना भी वजूद दे दिया फिर क्योँ, वही बुढापे मेँ हमारे …