Author: kiran kapur gulati

मुस्कुराहटें

नहीं मुस्कुराहटों का कोई जवाब छिपें हैं इनमें हजा़रों राज़ चली आती हैं कभी नम आँखों के साथ कभी थम जाती हैं शर्मो हया के साथ चहक जाती हैं …

अद्भुत रंग बिरंगे धागे

ये अद्भुत रंग बिरंगे धागे खींचें मुझे और लेकर भागेंहै हर रंग निराला इनका कामनाओं से भी हैं भरपूर है सतरगीं दुनिया ये सारी कभी उभारे कभी कर दे …

एै ज़िन्दगी तेरे चेहरे हजा़र

किरन कपूर गुलाटी एै ज़िन्दगी तेरे चेहरे हज़ारहँसाए कभी तो कभी रुलाये ज़ार ज़ारसमझना तुझे आसान नहींकहीं होती है रुखसततो कहीं लाती है बहारदिखाती है कभीवीराणिओ के आसारतूफानों से …

अपना बेगाना

दिल नाज़ुक था फूलों से भी ज़्यादा मगर जा़लिम ज़माने ने कभी यह जाना नहीं बचाना चाहा था लाख हमने मगर छलनी जिसने किया था कोई अपना बेगा़ना नहीं …

कैसा खेल रचाया

बोलें मुझसे सखियों मोरी तू है बड़ा चितचोर हर रंग तेरा है निराला करे मन को अति विभोरदिखाता सपने कैसे कैसे नाचे मन जैसे कोई मोर दर पे तेरे …

जय श्री कृष्णा

जय श्री कृष्णkiran kapur gulati किरन कपूर गुलाटी 15/08/2017 No Commentsतुम कर लो चोरी माखन जितनापर दिल को चुराना ठीक नहींआना तेरा बडा़ सोहे मुझकोपर छोड़ के जाना ठीक …

ठगे ठगे से

बिछे थे काँटे हर सूरासते भी नए नए थेफूँक रखते थे क़दमफिर भीपड़ जाते थे उनमें छालेटीसों से आख़िर हमनेकर ही  ली दोस्तीहोती चुभन  जो गहरीतेरी याद थी सतातीइक …

ख़्वाहिशें

ख़्वाहिशेंनर्म लबों के तलेदब के रह गईंवो ख़्वाहिशेंजिनकी फ़रियाद भीहम कर न सकेदिल की कश्ती कोजज़्बात की लहरों परछोडा तो था लेकिनवो फ़ासला भी तयहम कर न सकेयूं तो …

माजरा क्या है

माजरा क्या हैkiran kapur gulati किरन कपूर गुलाटी 01/08/2017 13 Commentsजिनके लिए दिल रोया जा़र जा़रवही पूछते हैं माजरा क्या हैक्या उनसे कहेंदिल में दर्द है क्यादिल की तह …

हक़ीक़त की दुनिया

वो ख़्वाबों की दुनियाख्यालों की दुनियापरे है बहुतहक़ीक़त  की दुनियाख्वाबों में पायाकि दुनिया हमारीकहती है हक़ीक़तजुदा ही कहानीकाश कि ख़्वाबहक़ीक़त हो जातेरहती न शिकायतहमें ज़िन्दगी  से कोई Оформить и …

माजरा क्या है

जिनके लिए दिल रोया जा़र जा़रवही पूछते हैं माजरा क्या हैक्या उनसे कहेंदिल में दर्द है क्यादिल की तह तकजो  न वो पहुँचना चाहें Оформить и получить экспресс займ …

बेगाना नहीं

नाज़ुक था  दिलफूलों से भी ज़्यादा  मगरज़ालिम ज़माने ने यह जाना नहींबचाना चाहा था लाख  हमने मगरछलनी जिसने कियावो था कोइ अपना बेगाना नहीं Оформить и получить экспресс займ на карту …

इनायत। —–किरन कपूर गुलाटी

इनायत की बहुतकभी हाल जो पूछा तुमनेवरना तेरे दिल में हैंशौक ज़माने भर के Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. …

शिकायत – किरन कपूर गुलाटी

होती जो शिकायत ज़माने सेकुछ कह लेते  कुछ सुन लेतेशिकवाय यार किस से करेअपनी ही धड़कनों पे ईखत्यार नहीं  Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на …

ख़्वाहिशें 

ख़्वाहिशेंkiran kapur gulati अज्ञात कवि 16/07/2017 No Commentsनर्म लबों के तलेदब के रह गईंवो ख़्वाहिशेंजिनकी  फ़रियाद भीहम कर न सकेदिल की कश्ती कोजज़्बात  की लहरों  परछोडा तो था लेकिनवो …

धूल में ही मूल समाया

है धूल में ही मूल समायाkiran kapur gulati किरन कपूर गुलाटी 14/07/2017 16 Commentsकहे कुम्हार है यह माटीजो उगले हरदम  हीरे मोतीदेती यह जीवन दान हैउपजाती भी धन धान …

है धूल में ही मूल समाया

कहे कुम्हार है यह माटीजो उगले हरदम  हीरे मोती यह देती जीवन दान हैउपजाती धन धान है धूल कहो यॉ कह लो माटीकैसे  कैसे आकार रचातीरंग बिरंगे फूल खिलातीबीहड जंगल पहाड़ …

धुँधलका यादों का

धुंधलका यादों काधुंधलका यादों का छटने लगा हैजैसे पर्दा सा कोई उठने लगा हैहैं बीती बातें जाने कितनी पुरानीपरत दर परत सब खुलने लगा हैआती हैं याद वो सावन …

धुनधलका यादों का

धुंधलका यादों काधुंधलका यादों का छटने लगा हैजैसे पर्दा सा कोई उठने लगा हैहैं बीती बातें जाने कितनी  पुरानीपरत दर परत सब खुलने लगा हैआती हैं याद वो सावन …

वर्क उड़ने लगे

वर्क उड़ने लगेकिताब ज़िंदगी की खोली ही थीकि वर्क उसके उड़ने लगेछा गई बाहर कुछ ऐसीकी फिर हम सभलने  लगेखट्टे मीठे पलों कीयादें उभर रहीं थीबीते पलों में जैसे बहकने …