Author: Iohit_jain

Khamosiya

खामोशिया भी गुनगुनाती है यादो में तेरी,, मै रहु चुप नजरे कहती है बाते ये मेरी,, खुदसे ही कहता हुँ बाते अपनी इन खामोशियो मे मेरी,, रो लेता हुँ …