Author: Hitesh Kumar Sharma

श्रधांजलि श्री अटल जी

अजर अमर व्यक्तित्व अटल ध्रुव तारा ज्यों विश्व पटल IIस्वर्णिम इतिहास गौरव गाथा गौरवान्वित हुई भारतमाता IIअजातशत्रु भारत रत्न अटल सरल स्वभाव, कार्य जटिल IIराजनीति के सर्वोच्च शिखर विद्वान …

अंतिम अनुभव

 उम्र के अंतिम पड़ाव परसुध बुध भी खो गयीबंद कमरे में एक छोटी सी खिड़कीमेरी सारी दुनिया हो गयीजो मुझे साँझ और सवेरेसे परिचित करवाती थीझरोखे से आती सूरज …

बारिश की बूँदों में

सूखी धरा हरी भरी हुई बारिश की बूँदों में प्रकृति की हुई छट्ठा नयी बारिश की बूँदों में नीलगगन पर श्यामल घटा बारिश की बूँदों में धरती से धूल …

बिहार में बंद मधुशाला (हास्य )

बिहार में बंद हुई मधुशाला नितीश जी ये आपने क्या कर डाला बिहार में क्यों बंद की मधुशाला रोज़ शाम को वो मधुशाला में मिलना मदहोशी के आलम में …

अंजाम क्या होगा (ग़ज़ल)

इस बेनाम चाहत का न जाने अंजाम क्या होगा बैचैन दिल को जो सुकून देगा उसका नाम क्या होगा निगाहें ढूंढती हैं हरपल उस हमसफ़र को कहीं मिल वो …

सच मेरा ख्वाब हो जाये (ग़ज़ल)

खुदा कसम अगर वो बेनकाब हो जाये बरसो पुराना सच मेरा ख्वाब हो जाये एक बार जो छू ले वो बहते दरिया का पानी तो सारे के सारे समंदर …

कलयुग के भगवान

मैं तो सिर्फ तुमे ही मानता महान तुम तो ठहरे कलयुग के भगवान तुम्हारी ताकत का है मुझे अंदाज़ा अपने क्षेत्र के तुम हो राजा अपने घर भी तुमने …

तुम्हारा बन जाऊँगा (ग़ज़ल)

तू एक बार बुलाकर तो देख, तुम्हारा बन जाऊंगा हो नज़र तो तेरी आसमान पर, तो सितारा बन जाऊंगा तुझसे मिलने की आरज़ यूं ही कब तक रहेगी अधूरी …

तेरे दर का रास्ता

तुझे पाने का रास्ता कहाँ से जाता है हर रास्ता मंदिर मस्जिद के बीच टकराता है इंसान बंटा अब यहा सिर्फ मजहबो में इंसानियत का मजहब अब कौन निभाता …