Author: gursevak singh pawar jakhal

नेकचंद ///// ~Gursevak singh pawar

अरे दूर-दूर तूं जाकर अपने सपने देख है पाया,जगह-जगह तूं जाकर अलग-अलग पत्थर है ला पाया,लोग कूड़ा कर्कट फेंक है देते, उसे उठा तूं है लाया,तराश कर कूड़े कर्कट …

अब्दुल कलाम, तुझे मै करता रहूँ हमेशा सलाम !! ~Gursevak singh pawar

देश को बुलंदी पर पहुँचाने वाला,अपने आप को देश के लिए बनाने वाला !!अब्दुल कलाम,तुझे मै करता रहूँ हमेशा सलाम !!ख़ुशी-ख़ुशी तुम ने अपना जीवन बिताया,अखबारों को तूने पास …

उधम सिंह सरदार… ~Gursevak singh pawar

उधम सिंह सरदार…देश की शान बचाने वाला,देश का मान बढ़ाने वाला !!उधम सिंह सरदार…पंजाब की मिटटी मे पैदा होकर,तुमने गुरुओं का मान बढ़ाया !!अपने आप को सींच कर,तुमने गोरों …

भारत मेरा देश सलोना आगे बढने का कम यंहा कोना ~Gursevak singh pawar

दोस्तो यह मेरी नई कविता उन यवाओं की स्थिति बताती है जो आज युग मे भी आगे नही बढ़ पा रहे आज के इस टेक्नोलॉजी के युग में भी …

मैं भी बच्चा….. ~Gursevak singh pawar

मैं भी बच्चा तू भी बच्चा,कैसा है ये जीवन कच्चा !!मैं पढते-पढते थक जाता,वो काम कर भी न थकता,मैं तरह-तरह का खाना खाता,वो सूखी रोटी से ही पेट भर …

फिरोजाबाद की गलियाँ देखो, यूपी की रंग-रलियाँ देखो,….~Gursevak singh pawar

फिरोजाबाद की गलियाँ देखो,यूपी की रंग-रलियाँ देखो,चन्द्रमा की रोशनी की ठंडक से भी ठंडा न होता,वहां का जीवन,लोगो का वो सुहाग बनती,अपने आप को है जलती,अरे फिरोजाबाद की गलियाँ …

मेरे घर में मेरे सिवा कोई………~Gursevak singh pawar jakhal

मेरे घर में मेरे सिवा कोई समझाने वाला नही था,मैं गर सो जाता तो कोई जगाने वाला नही था !!गमो के खंजर लगे थे सीने से मेरे मगर,महफ़िल में …

ए-रूबरू जिंदगी क्या बुनियाद तेरी… ~ Gursevak singh pawar

रूबरू ए-जिंदगी क्या बुनियाद है तेरी,कंहा से तू शुरू हुई, कहाँ पर ले जाएगी !!बचपन में तू शुरू हुई, बुढ़ापे में ले जाएगी,साथ तेरा है झूठा, कब तू क्या …

बिटिया तेरी क्या जिंदगी क्या तेरी प्रशंसा.. ~गुरसेवक सिंह पवार जाखल

बिटिया तेरी क्या जिंदगी क्या तेरी प्रशंसा,तेरा जन्म न होने देते लोग हमारे देखो,कहते है बेटा हो जाए, वरना ठोकर मारे हमको,अगर तुमको कोई ले आए, पर नीचे रखते …