Author: Gayatri Dwivedi

” एक मानव ऐसा भी( किन्नर ) ” द्वारा गायत्री द्विवेदी

जन्म पर मेरे क्यों दीप नहीं जलाती मां हर बच्चे के मां जैसे तू मुझे क्यों नहीं अपनाती मां पशु भी अपना हर बच्चा अपनाता है मां तो तू …