Author: Dharitri

दर्द्से भी मुहोबत कर्लो…………………………………..धरित्रि मल्लिक

जिसने दर्द दीआ  हे,,,,,,, वोही मेरा दवा भी हे…… दवा के बिना जो हालत होती हे,,,,,, वो हाल हे मेरी……… अगर वो दर्द्से भी मुहोबत कर्लो,,,,,, तो फिर दवा …

तुम तो कातिल ना थे…

तुम  तो  कातिल  ना  थे,,,, फिर  मेरी  जान  पे  कैसे  बन  आयी… तुम्हारे साथ  बिना  बेजान  सी  हे  मेरी  ज़िंदगी….. कब  मुझ  मे  भी  जान  आएगी बेवफा  तो  हम …