Author: deveshdixit

काश दिमाग मेरा कम्प्युटर होता

काश दिमाग मेरा कम्प्युटर होतासारे जहां की जानकारी भर लेताजिंदगी में कभी निराश न होताभूलने की आदत से परेशान न होता कुछ न कुछ हांसिल कर लेतामंजिल से कभी दूर …

भीड़

धोखा-धड़ी कीइस भीड़ में नहीं मैंअकेला हूँ और भी हैंकतार में यही खुद को मैंसमझाता हूँ चालाकी नहींखून मैं अक्सर यही सोचताहूँ स्थिति बड़ीबेहाल है इसलिए अक्सरझल्लाता हूँ सोच-सोच …

आगोश

तुम आगोश में आ जाओतुम्हें दिल में बसा लूँगानैनों के रास्ते सेतुम्हें झील में उतार लूँगा झूमेंगे हम दोनोंपानी तुम्पे उछालूँगामोहब्बत की डोरी सेईश्वर को पा लूँगा मोहब्बत कहते जिसकोवो धुन …

झगड़ा

छोटी – छोटी बात परझगड़ा होता जिनमेंसही मायेने में अक्सरप्यार होता उनमें गैरों से हमें क्या मतलबवो तो दूर ही रहते हैंदिल के पास जो रहे अक्सरउसी को अपना कहते …

प्यार

तुम पर आ रहा प्यार बड़ामत जा मुझसे दूर जरातन्हाई मुझे सताती हैये कैसी बेइंसाफी हैइंतज़ार में खोया रहता हूँतुम पर जान छिड़कता हूँफिर भी मुझसे कटती होदूर क्यों …

कैसे और क्या

कैसे और क्या लिखूं कविताकुछ समझ आ नहीं रहाभण्डार खो गया विचारों काये क्या हो गया कुछ सूझ नहीं रहाकुछ बूझ नहीं रहालिखने को उत्सुक हो रहापर विचार बन नहीं …

चुनाव

चुनाव गली गली और शहर शहर मेंशोर मचाते वोट दोलाउडस्पीकर पर जोर जोर सेकान फोड़ते वोट दो चुनाव चिन्ह लेकर घूमेंआओ हमको वोट दोहम तुम्हारे साथ हैंआओ अपना वोट दो वादा …

मूषक से साक्षात्कार

एक दिन स्वप्न में मूषक से हुआ साक्षात्कार कहने लगा वो मुझसे कर दूंगा सब बर्बाद मूषक राज हमारा नाम है नुक्सान पहुंचाना हमारा काम है पेट भरने की …

मेरे पास शब्द नहीं

मासूमियत से भरे बच्चों की मासूमियत का जवाब नहीं क्या कहूँ उनके बारे में मेरे पास शब्द नहीं पल में रोते पल में हँसते उनको ये तक ज्ञात नहीं …

अपनी मार्किट के हालात

अपनी मार्किट के हालात हैं ऐसे भटक गया कोई रास्ता हो जैसे ग्राहक कभी जब आता ऐसे एहसान उससे ले रखा हो जैसे भाव सुनकर बिदकते ऐसे बिजली का …

मुरझाया नोट

मुरझाया नोट करारा नोट, पहुंचा जब तिजोरी में लेकर अंगड़ाई सुस्ताने लगा तिजोरी में न कोई उसको दखल दे सुस्ताया अपनी तड़ी में मुरझाया नोट एक तभी दाखिल हुआ …

तेरा दुलार याद आता है

कभी तुम्हारी हंसी, कभी तेरा डांटना याद आता है। आँखों में तुम्हारे नमीं, माँ तेरा दुलार याद आता है। लगती कभी चोट मुझको, तू गले से मुझे लगाती। छोड़ …