Author: deveshdixit

हिन्दुस्तान…………….देवेश दीक्षित

हिन्दुस्तान हमारा है जग से ये न्यारा है हर धर्म के लोग जहां ऐसा राष्ट्र और कहां   हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई हम सब हैं भाई भाई प्रेम से …

प्लास्टिक हटाओ…………………देवेश दीक्षित

प्लास्टिक हटाओ जीवन बचाओ नारे लगाते यही उद्देश्य लिए प्लास्टिक छोड़ो थैला अपनाओ कुछ कर्म करो जीवों के लिए   अनेकों जीवों के जीवन संकट में पृथ्वी में दफनाओ …

खुद पर रखो विश्वास क्योंकि………………..देवेश दीक्षित

झुकाकर सिर नहीं बैठना होगा इरादों को मजबूत करके देखो किस्सों को जिंदगी के समझना होगा दुनिया है बड़ी अतरंगी देखो   तुमको खुद ही संभलना होगा रीत यही …

फर्क नहीं पड़ता अगर……………देवेश दीक्षित

फर्क नहीं पड़ता अगर तुम पास हो मेरे जिंदगी की कठिन डगर पर भी चलूंगा अगर तुम साथ हो मेरे ज़माना कहता है कहता रहेगा पर तुम खास हो …

मैं कवि हूँ……………देवेश दीक्षित

मैं कवि हूँ हाँ में कवि हूँ जो इच्छाओं को अपनी दबाकर उसको कागज पर उतारकर अपनी पीड़ा कम करता हूँ मैं कवि हूँ   जिंदगी बुल बुलों जैसी …

नदी किनारे ……………..देवेश दीक्षित

नदी किनारे बैठा मैं अविरल उसको देख रहा था उसकी बहती धारा में मैं साया अपना खोज रहा था दिख न रहा था मुझे उसमें किंचित भी अपना साया …

सुख दुख और घाटा मुनाफा……………देवेश दीक्षित

सुख दुख और घाटा मुनाफा धूप छांव और प्यार घृणा जीवन के यही दो हिस्से हैं यही एलबेले किस्से हैं   इनका आना हमें है सिखाता हमें मन से …

सूर्य देव……………….देवेश दीक्षित

हे सूर्य देव आपकी ऊष्मा है बहुत तेज पूरी सृष्टि को उजागर करते हो पर मन के अंधेरे को छोड़ देते हो जिसमें समाई है कुछ बुराइयां जो खत्म …

दिल की मलिका……………..देवेश दीक्षित

दिल की मलिका हो तुम मेरी तुम से ही मेरी शान है तुम्हारे बिना क्या जिंदगी मेरी एक टूटा – फूटा शमशान है   तुम होती जब सामने मेरे …

मंत्री जी…………………..देवेश दीक्षित

मंत्री जी ओ मंत्री जी मुँह उठा कर कहाँ चले धोती कुर्ता पहन के टोपी धूल उड़ाकर कहाँ चले अत्याचारों से लिपटी धरती सब तुम्हारी करनी है आतंकवाद की …

जीत………………….देवेश दीक्षित

बुराई पर अच्छाई की जीत उतनी ही जरूरी है जितनी की जिंदगी के लिए सांस जरूरी है उदासी को दूर करने के लिए मुरली की धुन जरूरी है अंधेरे …

नारी दिवस…………………………देवेश दीक्षित

नारी दिवस के महत्व को समझो मेरे यार नारी से ही है सृष्टि इसका करो सम्मान यदि न होती नारी तो कैसे बनता ये संसार कैसे आती झांसी की …

जन्माष्टमी ……………………..देवेश दीक्षित

बाल कृष्ण मुरली मनोहर जब भी खेल रचाएं एक सबक होता उसमें फिर परमानंद मनाएं प्रत्येक जीव उनकी धरोहर उन पर लाड़ लुटाएं उनकी रक्षा की खातिर वे दुष्टों …

संदीप माहेश्वरी……………………….देवेश दीक्षित

संदीप माहेश्वरी की कला को करते हैं हम प्रणाम कैसी कैसी फोटो देखो खींच के करे बड़ा नाम   जितनी बार भी बदला काम को फिर भी न मिला …

स्टीफन हॉकिंग…………………….देवेश दीक्षित

स्टीफन हॉकिंग का जलवा पूरी दुनिया ने देखा था इंग्लैंड ऑक्सफोर्ड में जन्मा ये बालक अलबेला था   पूरी दुनिया में जिसने नाम कमाया स्टीफन हॉकिंग वो इंसान था …

अन्ना हजारे……………………..देवेश दीक्षित

बचपन अन्ना हजारे का बीता बहुत गरीबी में आलम गरीबी का बुआ ने देखा तो ले आई अन्ना को मुंबई में   भारत पाकिस्तान का जब युद्ध छिड़ा अन्ना …