Author: Aaradhana

बूँदें…..

मुझे मेरी साँसों का वास्ता .. देखा कितने दिनों ऐ बूंदों .. मैंने तुम्हारा रास्ता… आयी न तुम इस बार बहार महकाने को.. तड़पती धरती की ताप्ती प्यास बूझने …