Author: Astha Gangwar

शिक्षा, शिक्षा नहीं रही।

शिक्षा, शिक्षा रहीं नहीं,व्यापार बना अब डाला है।मंदिर कहलाता था विद्यालय,अब वहाँ स्वार्थ ने बागडोर संभाला है।व्यवहारिक शिक्षा का पतन हुआ,संस्कार जीवन में कैसे आयेंगे।रटने की पद्धति का जमाना …

क्या लिखूं…..क्या लिखूं…..क्या लिखूं…..

क्या लिखूं मन की कहानी लिखूं या आँखों का पानी लिखूं क्या लिखूं तितलियो का शरमाना लिखूं या भँवरो का गुनगुनाना लिखूं क्या लिखूं हवाओ की झनकार लिखूं या …

प्रियवर हम तुम्हे अपने अस्तित्व का दर्पण बनाये बैठे है।

हम तुम्हारे प्रेम में खुद को भुलाये बैठे है  प्रतीक्षा में चौखट पर नयन टिकाये बैठे है  ह्दय के पटल पर तुम्हारी छवि बसाये बैठे है  प्रियवर हम तुम्हे …