Author: Er. Anuj Tiwari"Indwar"

ग़ज़ल –: व्यंग- काॅम्पटीशन प्यार में !!

व्यंग – काॅम्पटीशन प्यार में । (गजल) यार का मुस्किल चयन अब इश्क के बाजार में । आज कल चलने लगा है काॅम्पटीशन प्यार में ।। यूज से पहले …

व्यंग – काॅम्पटीशन प्यार में । (गजल)

यार का मुस्किल चयन अब इश्क के बाजार में । आज कल चलने लगा है काॅम्पटीशन प्यार में ।। यूज से पहले सभी ट्रायल जरूरी कर दिए । आया …

ग़ज़ल–: अपनी जुबां से कह नहीं सकते ।

दिलों के रंज-गम अपनी जुबां से कह नहीं सकते । दगा दे यार साहिल पर समन्दर सह नहीं सकते ।। मचा ले खलबली चाहे यहाँ आगोश में लहरें । …

मुक्तक (मै जब उदास हो जाता हूँ)

मै जब उदास हो जाता हूँ ,तनहाई तडफाती है ! तेरे पायल की छनकार ,मुझको यहाँ बुलाती है ! इन बागों इन गलियों मे , तेरे साये मीठी यादों …

कब्बाली (तेरी दीवानगी की हद )

कब्बाली – तेरी दीवानगी की हद (अनुज तिवारी “इन्दवार”) एक तरफ बहता है दरिया एक तरफ है गहरी खाई !-५ नहीं मिलती यहाँ राहत , यहाँ मसहूर है चाहत …

ग़ज़ल–: ! तुझे पाने की चाहत !

तुझे पाने की चाहत ( गजल – अनुज तिवारी ) तुझे पाने की चाहत में मेरी दुनियाँ उजड जाये ! प्यार की गुफ्तगू तुमसे कहीं महगीं ना पड जाये …

जुल्मी तेरी निगाहें [गजल]

महफिल की भीड मे मेरा शिकार करती ! जुल्मी तेरी निगाहें खंजर सी वार करती !! कह दो उन्हे जरा सी नजरें झुका लें अपनी ! सातिर बडी निगाहें …