Author: Ankit Pulkit "asraar"

डर तो लगता है तुझे भी मेरी बेरुखी से….

डर तो लगता है तुझे भी मेरी बेरुखी से…. जो तु आज कल मुझपे इतना महरबान है!! कंही हो ना जाए ये आँखे गम… कंही हो ना जाये ये …

जब से होश सम्भाला है..

जब से होश सम्भाला है.. खुद को जहानत कि दुनिया में पाया है.. इस जंहा में कदम रखने को .. ना जाने कितने अपनों को मेने ठुकराया है बड़ी …