Author: अखिलेश प्रकाश श्रीवास्तव

।। माँ लक्ष्मी स्तुति।।

जय विष्णुप्रिया लक्ष्मी माता, जय सबकी सुख सम्पति दाता। सकल जगत से तुम हो पूजित, सब सदगुण तुमसे आता।। १ ।। सागर से उदभव हुआ तुम्हारा, जग में कहलाई …

।। निराश की आस।।

हे जगतपिता ! हे जगदीश्वर ! नित प्रति जपूँ तुम्हारा नाम। भक्ति मे मेरी शक्ति नहीं, किस विधि तुमको करूँ प्रणाम ।। 1 ।। बचपन बीता बचपना करते, अंजाने …

।। मेरे उदगार।। ( दिनांक ३१/०३/२०२० को होने वाली अवकाशप्रप्ति हेतु मेरे उदगार )

प्रतीक्षा की है निश्चित अवधि ना घटती है, ना बढती हैसमय की धुरी पर पल पल यह आगे चलती रहती है ।। १ ।।समय पूर्ण होते ही, प्रतीक्षा भी …

ll हिन्दी का सम्मान ll

हिन्दी पखवाड़ा आते ही, कार्यालयों में हिन्दी का सम्मान बढ़ा ।गुण गाये हिन्दी के सबने, अंग्रेजी के सिर दोष मढ़ा ॥ 1 ॥प्रतियोगिताओं का कार्यालयों में, पखवाड़े तक दौर …

ll ओरिएण्टल हमारी सबसे न्यारी ll

॥ ओरिएंटल हमारी सबसे न्यारी ॥ओरिएंटल हमारी सबसे न्यारी, समेटे गौरवमय इतिहास ।समाज को देती सदा सुरक्षा, देती भविष्य को नूतन आस ॥ 1 ॥आजादी के साथ ही, हमने …

ll मन क्यूँ होता है उदास ll

ऐ मन क्यूँ होता उदास, प्रात काल तकता है राहनिज की पीड़ा सह ले भीतर, जुबां पर न आने दे आहजब तक जीवन की नाव चलेगी, दिवस रात्रि का …

ll अटल सदैव अटल रहेगा ll

O‘अटल’ नामधारी मै जीवन भर रहा सदा ही अटल l मेरी स्मृतियाँ संजो रखेगा आने वाला कल ll 1 ll काल के कपाल पर लिखते मिटाते मैंने कठिनाइयों से …

ll भगवान शिव स्तुति ll

जय शिव शंकर अवढ़र दानी, तुम्हरी महिमा सब ने मानी ।सब भूतों में वास तुम्हारा, वेदों ने है कीर्ति बखानी ॥ 1 ॥आदि अन्त रहित तुम व्याप्त सभी में, …

Il स्मृति ll

॥ स्मृति ॥नाम मेरा है ‘स्मृति’, मेरे जागरण से प्रकट होता है भूतकाल ।मेरे ही अस्तित्व से संभव होते, भविष्य की घटनाओं के हाल ॥ 1 ॥इसी विश्वास के …

।। जीवन मूल्य ।।

॥ जीवन मूल्य ॥जीवन के रचयिता ने, जीवन रचने के साथ ही सब कुछ रच डाला ।श्वांसों की डोर से बांध इसे, कर्मों के अनुसार है ढ़ाला ॥ 1 …

|| कल को हम ना झाँक सके ||

जीवन का चौथापन आते ही, संध्या बेला ने डाला डेरा ।बीते समय की स्मृतियों का, मन मानस में कसा घेरा ॥ 1 ॥अनुभव स्मृतियाँ ही, जीवन की बहुमूल्य धरोहर …

|| अवकाश प्राप्ति ||

विदाई की घड़ी आई, भावनाओं ने लिया उबाल |भावुक होते हुए क्षणों ने, दिलों को ज्यों किया बेहाल || 1 ||भावनाएं ही आहत करतीं, भावनाएं ही देती हर्ष |भावनाओं …

|| ईमानदारी की परीक्षा ||

जब जीवन की जीवनी मे, जब मैने ईमानदारी का चुनाव किया ।शुभेच्छुओं का लगता रहा तांता, सबने एक सा मशवरा दिया ।।1 ।।इस राह मे ‘मित्र’ दोस्त कम, दुश्मन …

|| उदासी ||

बेटी क्या हुई विदा घर से, वीरानगी ज्यों हुई व्याप्त |बेटा परदेस गया पढ़ने, आपदा ने घर को किया आप्त || 1 ||किसी के घर में छाई उदासी, क्योकि …

|| मन की गहराई ||

जग में गहराई की सीमा, मानव कभी माप सकेगा क्या |किसमें कितनी गहराई है, व्याख्या कोई कर सकेगा क्या || 1 ||धरा से सूरज-चाँद की दूरी की, माप भले …

|| भानुमती की पीड़ा ||

जीवन के ढलते पड़ाव पर, मानव भावुक हो जाता है रंचमात्र भी दुःख मिले तो, मन और अशक्त हो जाता है || 1 || क्षोभ दुःख हो जीवन जिसका, …

|| होली का संदेशा ||

होली रंगों का त्यौहार , मानवता का ये सिंगार | शत्रु को भी लगाता गले से , प्रेम भाव के देता विचार ||1|| बच्चों की होती अपनी होली , …

|| मानवता प्रेमी ||

गीता कहती इस जग में, मनुष्य की दो ही जाति हैं | इक मानव दूजा दानव, अन्य न गतियॉं प्राप्त हैं ||1|| दैवी सम्पदा से पूर्ण मनुज ही, जग …

|| माँ दुर्गा प्रार्थना ||

दुर्गा दुर्गति नाशिनी माता , भक्तों के तुम कष्ट हरो | करो दया हे मातु भवानी , दुर्गति जन की दूर करो || 1 || शुम्भ निशुम्भ विनाशिनी माता …