Author: Abhishek_charan1444

मैं मनुज हूँ तमस का कहर लिए बैठा हूँ

मत कर विश्वास रजत मुझ पर कहीं,कंचन मिला तो तुझे छोड़ने का ग़म नहीं |तुम फ़ैलाओ चांदनी, मैं चाँद में दाग देखने बैठा हूँ,मैं मनुज हूँ, दिल में तमस …