तस्वीरें

तस्वीरें जो सामने आती गई,जीवन को एक नया मोड़ देती गयी.कुछ रूठी ,कुछ प्यारी सी गलियो मेंखोती चली गयी.हर तस्वीर के रुख को देखा ,कुछ को समझा ,कुछ को समझते चली गई.कुछ तस्वीरे ठहर सी गयी ,कुछ काँच की तरह टूटकर ,बिखरती चली गयी..अंजली यादवKgmu Lucknow

14 Comments

    • Anjali yadav 12/07/2017
  1. डी. के. निवातिया 12/07/2017
    • Anjali yadav 12/07/2017
  2. Arun kumar jha 12/07/2017
    • Anjali yadav 12/07/2017
  3. Madhu tiwari 12/07/2017
    • Anjali yadav 12/07/2017
  4. ANU MAHESHWARI 12/07/2017
    • Anjali yadav 13/07/2017
  5. babucm 13/07/2017
    • Anjali yadav 13/07/2017
  6. Shishir "Madhukar" 13/07/2017
    • Anjali yadav 16/07/2017

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