बहिष्कार – अनु महेश्वरी

कुछ दिनों से रोज जाती हूँ,उसे उठा, देख, रख देती हूँ,दुकानदार भी मेरी हरकत से, परेशान हुआ,आखिर एक दिन उसने,रोक कर मुझे, पूछ ही लिया,देख रहा हूँ, कुछ दिनों से,आप रोज आती है,इसे उठाती है,फिर वापस रख देती है,क्या मै जान सकता हूँ,वजह, इसकी क्या है,दाम ज्यादा लगा या,और कोई है बात?मैंने कहा, भाई मेरे,दाम तो बिल्कुल सही है,और डिज़ाइन भी ठीक है|पर क्या करूँ?मेरा राष्ट्रवाद,मुझे, इसे खरीदने से रोक रहा है,यह बना जो चीन में है,और मैंने कर रखा है,बहिष्कार चीनी सामान का|फिर उसने कहा, अगर आपको,चीन का सामान, लेना ही नहीं है,फिर रोज आकर, देखती ही क्यों है?मैंने उससे कहा,इसलिए रोज आती हूँ,इसे ठीक से देखती हूँ,ऐसा क्या है इसमें,जानने की कोशिश करती हूँ,यह जूता, जो चीन में, बन सकता है,वह मेरे देश में, क्यों नहीं बन सकता है? अनु महेश्वरीचेन्नई

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18 Comments

    • ANU MAHESHWARI 14/07/2017
  1. डी. के. निवातिया 12/07/2017
    • ANU MAHESHWARI 14/07/2017
  2. Arun kumar jha 12/07/2017
    • ANU MAHESHWARI 14/07/2017
  3. Madhu tiwari 12/07/2017
    • ANU MAHESHWARI 14/07/2017
  4. Anjali yadav 12/07/2017
    • ANU MAHESHWARI 14/07/2017
  5. babucm 13/07/2017
    • ANU MAHESHWARI 14/07/2017
  6. Shishir "Madhukar" 13/07/2017
    • ANU MAHESHWARI 14/07/2017
  7. Bindeshwar Prasad sharma 14/07/2017
    • ANU MAHESHWARI 14/07/2017
  8. श्याम 14/07/2017
    • ANU MAHESHWARI 14/07/2017

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