बारिश

बारिश का ये मौसम साजन तेरी याद दिलाता है प्यार से तेरे भीगा तन – मन,तुझको पास बुलाता है,,,बारिश की इन बूँदों में तस्वीर तेरी अब दिखती है ,,महसूस होता है स्पर्श तेरा जब बूँदें तन पर गिरती है ,,,,नाच उठा है मन का मयूरदिल गीत मिलन के गाता हैप्यार से तेरे भीगा तन – मन,तुझको पास बुलाता है,,,,,,,बागों में कलियाँ झूम उठीमदमस्त पवन भी गाने लगी शाखों पे पत्ते हरे -हरेखुशियों से मेरे नैन भरेलगता है ये सावन मुझसेतेरी प्रीत निभाता हैप्यार से तेरे भीगा तन – मन,तुझको पास बुलाता है,,,,,,,आस में तेरी मेरे साजनबनकर बैठी हूँ मैं दुल्हनहर ख़्वाहिश अब भीग रही हैभीग रहा नैनों का काजलझूम -झूमकर ये सावन धरती की प्यास बुझाता हैप्यार से तेरे भीगा तन – मन,तुझको पास बुलाता है,,,,,,,।सीमा “अपराजिता “

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19 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 11/07/2017
    • सीमा वर्मा 12/07/2017
  2. Saviakna 11/07/2017
    • सीमा वर्मा 12/07/2017
  3. babucm 12/07/2017
    • सीमा वर्मा 12/07/2017
  4. Ram Gopal Sankhla 12/07/2017
    • सीमा वर्मा 12/07/2017
  5. Madhu tiwari 12/07/2017
    • सीमा वर्मा 12/07/2017
  6. Bindeshwar Prasad sharma 12/07/2017
    • सीमा वर्मा 12/07/2017
    • सीमा वर्मा 12/07/2017
  7. डी. के. निवातिया 12/07/2017
    • सीमा वर्मा 12/07/2017
  8. Arun kumar jha 12/07/2017
    • सीमा वर्मा 13/07/2017
  9. श्याम 13/07/2017

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