शह और मात

एक है राजा एक है रानी,राजा खत्म फिर खत्म कहानी ।आठ सिपाही,जोड़ो में है ऊँट,हाथी और घोड़े,आँख खुली ,मुँख पर ऊँगली ,दो ऊँगली से मोहरे दौड़े।सोलह श्वेत् और सोलह श्याम,उन सबका मालिक एक,पल पल में मोहरे शायद जग छोड़ेंगे मर जायेंगे प्रत्येक।बत्तीस मोहरे,चौसठ खाने,सैकड़ो के मन में चल रहे है सैकड़ो चाल,एक मोहरे की रक्षा में मचा हुआ यह पूर्ण बवाल,तीन कदम चलता है घोडा और कहने को ढाई चाल।तिरछी चाल चले जब, ऊँट रण में मच जाता है फूंट,मद मस्त हाथी का प्रलय अनोखा,सीधी चाल ना कभी भी धोखा,रानी की है चाल निराली,ढाई चाल छोड़ हर तरफ करे मनमानी।छोटो को छोटा समझाना है भूल ,रण में प्रवेश करते ही बन जायेंगे शूल,सिपाही न पीठ दिखाए ना पीछे से प्रहार,चाल है सीधी,तिरछा प्रहार,बस एक कदम और दुश्मन की नैया पार।है छोटा कद लेकिन औकात बड़ी,खुद को न्योछवार कर, जीवन देने की त्याग बड़ी।पल में उत्पात मचेगा,रक्त रंजीत होगी भूमि सारी,मुहरों का गर्जन होगा , घिर जायेगी सेना सारी।यहाँ हर पल चाल बदलती है,जीवन की चाह में मुहरे जगह बदलते है,पल पल मरते है मुहरे,कोई मन रोता और मन मन कई हँसते है।शतरंज की बिसात में जिंदगी के कई पल गुजर जाते है,कई बार सामने से प्रहार,कभी मुहरों के पीछे से प्रहार किए जाते है।अपनों को हम स्वयं से मार ना सकते,पर स्वयं की रक्षा में कई अपनों का बलिदान,राजा केवल नाम मात्र पर सफलता पर बस उसका ही गुणगान।भाग्य का खेल नहीं सम्पूर्ण रूप से तर्क,जीवन जीन के लिए प्रत्येक पल यहाँ रहना है सतर्क।मृत्यु शैय्या पर लेट जायेगी पूरी बिसात,डर है की हो न जाए कही , शह और मात।

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

10 Comments

  1. babucm 30/06/2017
  2. ajay921 30/06/2017
  3. डी. के. निवातिया 30/06/2017
  4. arun kumar jha 30/06/2017
  5. madhu tiwari 30/06/2017
  6. Kajalsoni 01/07/2017

Leave a Reply