फूल की गिला

फूल की गिला

अचानक फिसला और गिराये था कुदरत का सिलाफिर उठा और चल पडाफिर किस बात की गिला ।।

धूल मे ठोकरे मारता जा रहा थाकिसमत को कोसते जा रहा थाउसमे एक फूल मिलावो जाने क्या सोच रहा था ।।

वो भी अपनी जवानी की दास्तां सोच  रहा थान थी गिला उसको न कोई शिकवाबस सोच-2 कर वो तो किस कदरवहां भी वो खुश  हो रहा था ।।

न जाने कितनी ठोकरें वो दिन भर खा रहा थाफिर भी वो तो वहां  पडा ही मुस्कुरा रहा थामैंने धीरे से उठाया और फूकं मार कर झडायाइस पर वो खिल-खिला कर मुस्कुराया ।।

मेरी आखों में ये सब देख कर आँसूं आयाअैार वो आँसूं उसी धूल मे समायाअैार जब एक आँसूं उस फूल पर गिराफूल ने उसे मोती सा चमकाया ।।

मैं ये सब देख कर हैरान रह गयाये इसांन दूसरो के दुख से खुश हो रहा हैअैार दूसरो के सुख से परेशान हो रहा हैअैार इस फूल को तो देख हर वक्त खुश हो रहा है ।।

न जाने कितने दुखों को इसांन ने बढायाअपनी ही हवस को कितना चढायाहर वक्त ही उसने अपने आप को रुलायाहर दम ही तो तो देखो उसने दूसरों को सताया ।।

ये देखो कैसी फिदरत इसांन की हो गईसुख की तलाश  में दुख लेता चला गयाहर ख़ुशी  को दुखी बनाता चला गयाऔर अपनी ही सोच मे उलझता चला गया ।।

फूल कोई भूल करता नही हैवे तो किसी हसींन के गले मे मुस्कुरायेशव पर भी वो न मुरझायेहर मौसम मे ही ख़ुशी से लहराये ।।

 कमलेश संजीदा[email protected] Mobile No. 9410649777

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

5 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 23/06/2017
    • kamlesh sanjida 23/06/2017
  2. C.M. Sharma babucm 24/06/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 24/06/2017
  4. Kajalsoni 25/06/2017

Leave a Reply