अनमोल बचपन – धीरेन्द्र

अनमोल बचपनअकरम चकरम बुम, सुन बच्चों की धुननन्ही सी इक जान के पीछे क्यू पड़े हो तुम -२दिल्ली की दिवार से सट के पानीपूरी खायेंगेअपनी इस दावत में हम तारों को भी बुलाएँगेसूरज को मिर्ची लगेगी, चाँद पड़ा गुमसुमअपनी आँखे फाड़ के अब क्या सोच रहे हो तुमअकरम चकरम बुम………….मोर के रथ पे बैठ सवेरे हम बगिया की ओर चले फूलों की बारात चले और हम बच्चों की शोर चलेहवा के रस्ते हों, ठहाके सस्ते होंबारिशों की बूंदें बजती हो रुन झुन झुनअकरम चकरम बुम…………….दिन में सपने देख सकें और रात से दिल की बात कहेंइक इक पल को छु पायें और आज से कल की बात कहेंकरें मनमानी की, कहानी नानी कीरखेंगे झोली में, सारे चुन चुनअकरम चकरम बुम…………….

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

6 Comments

  1. babucm 21/06/2017
  2. डी. के. निवातिया 21/06/2017
    • Dhirendra 23/06/2017
  3. Bindeshwar Prasad sharma 22/06/2017
  4. SARVESH KUMAR MARUT 22/06/2017

Leave a Reply