ले लो चैन की सांसे ही – अनु महेश्वरी

उच्चाईयो को जितना भी छू लो,व्यस्तता में खो, अगर नहीं संभाले,तुमने अपने ज़िन्दगी के रिश्तों को,एक अपूरणीय खालीपन जीवन में,हमेशा के लिए रह ही जायेगा तुम्हारे|अपने भी अगर उपेक्षित होते होते,अलग से अपनी खुशिया ढूंढ लेंगे,फिर जीवन के उस पल का सोचों,जब खाली समय होगा शाम को,और तुम कहीं अकेले न रह जाओ ?समय रहते संभाल लो इन रिश्तों को,केवल काम में ही मशगूल तुम न रहो,यह दुनिया तुम्हारे पहले भी चल रही थी,तुम्हारे जाने के बाद भी चलती ही रहेगी,अपने रिश्तों को भी ज़रा मधुर बनालो|अपने व्यस्तता भरे दिनों में भी,तुम अपनों का हाथ थाम कर,दो कदम चल भी लिया करो,वह आँखे कभी शिकायते नहीं करती होगी,पर साथ तुम्हारा पाने को तरसती तो होगी|बैठो कुछ पल अपनों के साथ,छुट्टियां बिताने के बहाने ही सही,जिओ ज़िन्दगी अपनों के साथ,ले लो चैन की सांसे ही,चाहे दो पल ही सही| अनु महेश्वरीचेन्नई

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12 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 18/06/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 18/06/2017
  2. arun kumar jha arun kumar jha 18/06/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 18/06/2017
  3. C.M. Sharma babucm 19/06/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 19/06/2017
  4. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 19/06/2017
  5. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 19/06/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 20/06/2017
  6. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/06/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 21/06/2017

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