अंदाज़-ऐ-एतराज — डी के निवातिया

अंदाज़-ऐ-एतराज

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क्यों आज फिर मौसम का मिजाज बदला हैक्या सनम ने आशिक़ी का अंदाज बदला है !

दिल तो पहले ही डूबा है, अश्क-ऐ-समंदर में फिर क्यों जनाब ने अंदाज़-ऐ-एतराज बदला है !!

!!!डी के निवातिया

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26 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 17/06/2017
    • डी. के. निवातिया 29/06/2017
  2. ANU MAHESHWARI 17/06/2017
    • डी. के. निवातिया 29/06/2017
  3. Madhu tiwari 17/06/2017
    • डी. के. निवातिया 29/06/2017
  4. Arun Kumar jha 17/06/2017
    • डी. के. निवातिया 29/06/2017
  5. Bindeshwar Prasad sharma 17/06/2017
    • डी. के. निवातिया 29/06/2017
  6. Shyam 17/06/2017
    • डी. के. निवातिया 29/06/2017
  7. Shyam 17/06/2017
    • डी. के. निवातिया 29/06/2017
  8. Meena Bhardwaj 18/06/2017
    • डी. के. निवातिया 29/06/2017
  9. babucm 19/06/2017
    • डी. के. निवातिया 29/06/2017
    • डी. के. निवातिया 29/06/2017
  10. Shabnam 29/06/2017
    • डी. के. निवातिया 29/06/2017
      • kiran kapur gulati 14/07/2017
        • डी. के. निवातिया 15/07/2017
  11. डी. के. निवातिया 15/07/2017
  12. डी. के. निवातिया 02/08/2017

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