सहमी सहमी उसकी आँखेंतनहा कबसे बैठी हैंना तूने पूछा उनका दर्दन वो खुदसे कुछ कहती हैंहाथ पकड़ कर उसका तूनेजख्म बस दिया हैथरथराते लबों को खुलने से पहले ही उसने सिल दिया हैकब तक चुप्पी रखेगीक्यों बेजुबान बन कर बैठी हैगुनाह आज तेरा भी हैजो इस दलदल में जा रही हैखोल दे इन बंधन कोएक उड़ान की कोशिश तोह करखुद का ना सही उस खुदा का मान तोह करहर कतरा परख कर तेरी मूरत उसने बनाई हैइस दुनिया को अपनी कला तुझमें दिखाई हैसहनशील सी तेरी कायातुझ में इश्वर का रूप है पायाकभी उस नन्ही जान की जननी बन करकभी बन कर उस साथी का सायाहर कदम पर तूने अब तक अपना फर्ज है निभायापर इस जहान ने बस तुझे निचे ही गिरायाआज हो कर मजबूर तेरे अधर्मों सेएक स्त्री ने अपना सवाल है उठायाक्यों मुझपे बिना मेरी मर्जी के तूने अपना हक है जतायामेरे जिस्म को तोह चख लियाक्या कभी मेरी रूह को भी समझ पाया?दे जवाब मेरे सवालों काआज मेरा है वक़्त आयाचुप होकर मैंने इस संसार सेबस दर्द है पायाबस दर्द है पाया….

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

One Response

  1. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 15/06/2017

Leave a Reply