प्यारा रिश्ता – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा बिन्दु

 मॉ बाप बेटों में ही अब सिमट गई है जिंदगीजब बेटा बाप बना तो घिसट रही अब जिंदगी।थोडे दिन ही प्यारे लगते पप्पु के नाना नानीदादा दादी घर बैठ रोये पर बहु करे फुटानी।भईया भाभी चार दिन दो दिन की ननद भौजाईशाला नौकर बीबी का बन सौतन शाली घर आई।चाचा चाची सुनने भर की कहने भर भाई भतीजीरिश्ते नातों से क्या मतलब रहने लगे सब बीजी।हर पति की यही कहानी बीबी बैठकर काटे चानीपैसौं के लिए क्या नहीं करता खून पसीना पानी।कभी बाप को नौकर कहता कभी माता को दाईकहने नहीं देती दादा दादी बच्चों को है सिखाई।अब तो तेरी बारी आई तुझे क्यों लगता है भारीतेरे भी तो बच्चे तुझको देंगें भर भर मुॅह गाली।इसीलिए ऐसा न करना दुनिया से तुम ड़रनासेवा करना मॉ पिता की जहॉ कहीं भी रहना।बच्चे को भी यहीं सिखाना पढ़ाना चाहे जितनासंस्कृति संस्कार ही देना मानवता से जिंतना।सास ससुर अलग न समझो पति अलग न जानोइसी दुनिया में जीना मरना अब बात हमारी मानो।अपने घर की इज्जत पानी अब अपने घर ही राखोबीज आम का बोकर ऐसे आम का फल ही चाखो। बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा   बिन्दु

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

16 Comments

  1. डी. के. निवातिया 09/06/2017
    • bindeshwar prasad sharma 10/06/2017
    • bindeshwar prasad sharma 10/06/2017
  2. madhu tiwari 09/06/2017
    • bindeshwar prasad sharma 10/06/2017
  3. Meena Bhardwaj 09/06/2017
    • bindeshwar prasad sharma 10/06/2017
  4. ANU MAHESHWARI 09/06/2017
    • bindeshwar prasad sharma 10/06/2017
  5. arun kumar jha 09/06/2017
  6. bindeshwar prasad sharma 10/06/2017
  7. Shishir "Madhukar" 10/06/2017
    • Bindeshwar Prasad sharma 10/06/2017
  8. babucm 10/06/2017
    • Bindeshwar Prasad sharma 10/06/2017

Leave a Reply