जिस अंदाज से तुम नजरअंदाज करते हों .

जिस अंदाज से तुम नजरअंदाज करते होंहमारे रिश्ते को और भी राज़ करते होंतुम्हे समझे या खुद को ढूंढे, क्या करेहम आंसू छुपाते है और तुम साज़ करते हों.ना जाने क्या खता हुयी हमसेनफ़रत जिस बात से हमे तुम उसी पे नाज़ करते हों.-  – शिवम् 

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6 Comments

  1. डी. के. निवातिया 29/05/2017
  2. Kajalsoni 29/05/2017
  3. babucm 29/05/2017
  4. Bindeshwar Prasad sharma 29/05/2017
  5. arun kumar jha 29/05/2017
  6. MANOJ KUMAR 30/05/2017

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