कविता:– माँ, बाप , अमन नैन

माँ बाप के जाने के बाद,आँसू टपकाना ठीक नहीजिन्देँ जी जुते मारे,फेर फुल चढ़ाना ठीक नहीकहणा मान्या ना कदे माँ-बाप काफेर तिलक लगाणा ठिक नहीँ!दो रोटी के टूक दिये नहीअब भोग लगाना ठीक नहीकदे दुख सूख की पूछी नहीबाद मे गुणगाना ठीक नहीछुएं कोन्या पैर कदेफेर शीश झुकणा ठिक नही!राखै सदा अंन्धेरे म्हफेर दिप जलाणा ठिक नहीँअमन जीते जी माँ बाप सेवा कर लेबाद मे पछताना ठीक नही

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17 Comments

  1. ANU MAHESHWARI 28/05/2017
    • Aman Nain 29/05/2017
    • Aman Nain 29/05/2017
      • ANU MAHESHWARI 29/05/2017
        • Aman Nain 29/05/2017
  2. MANOJ KUMAR 29/05/2017
    • Aman Nain 29/05/2017
  3. babucm 29/05/2017
    • Aman Nain 29/05/2017
  4. Kajalsoni 29/05/2017
    • Aman Nain 29/05/2017
  5. डी. के. निवातिया 29/05/2017
    • Aman Nain 29/05/2017
  6. Bindeshwar Prasad sharma 29/05/2017
    • Aman Nain 30/05/2017
  7. Kiran kapur Gulati 30/05/2017
    • Aman Nain 30/05/2017

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