दिखता शिवाला है – शिशिर मधुकर

तुम्हें मैंने सम्भाला है मुझे तुमने सम्भाला है एक दूसरे के दुःखों का भी हल निकाला है पापी लोगों को प्रेम में व्याभिचार दिखता है साधुओं को इसमें मगर दिखता शिवाला है भूखे पेट को जैसे सब कुछ एक निवाला है वही धनवान है जिसने प्रेम झोली में डाला है ज़रा सा गौर से देखो तो मिल जाएगा ये सच अँधेरे से घिरे लोगों की बस चाहत उजाला है शिशिर मधुकर

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18 Comments

  1. ANU MAHESHWARI 28/05/2017
    • Shishir "Madhukar" 28/05/2017
  2. arun kumar jha 28/05/2017
    • Shishir "Madhukar" 28/05/2017
  3. Meena Bhardwaj 28/05/2017
    • Shishir "Madhukar" 28/05/2017
  4. shivdutt 28/05/2017
    • Shishir "Madhukar" 29/05/2017
  5. MANOJ KUMAR 29/05/2017
    • Shishir "Madhukar" 29/05/2017
  6. babucm 29/05/2017
    • Shishir "Madhukar" 29/05/2017
  7. Kajalsoni 29/05/2017
    • Shishir "Madhukar" 29/05/2017
  8. डी. के. निवातिया 29/05/2017
    • Shishir "Madhukar" 29/05/2017
  9. SARVESH KUMAR MARUT 29/05/2017
    • Shishir "Madhukar" 30/05/2017

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