एक मुद्दत हुई तुमसे आँखें मिलाये हुए….सी.एम्. शर्मा (बब्बू) ..

एक मुद्दत हुई तुमसे आँखें मिलाये हुए….सदियां हो गयी ज़िन्दगी को मुस्कुराये हुए…बारिश अबकी बार होनी ही चाहिए….अरसा हुआ आँखों में आंसू लहराए हुए…दिल है कि भूल गया धड़कन लेकिन…याद हम हैं उनको तभी हैं वो दूरी बनाये हुए….हवाएं चली तेज फिर थक के रह गयी…सुकून से मैं भी था सब अपना लुटाये हुए…बहुत आये समझाने यूं ज़ख़्मी रूह को मेरी…बेताब हों बिन किसी को चोट पहुंचाए हुए…आखिर करता क्या उठा ज़ोर से दिल के आस पास…मुद्दत जो हो गयी थी ‘चन्दर’ दर्द को सहलाये हुए….\/सी.एम्. शर्मा (बब्बू)

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18 Comments

  1. ANU MAHESHWARI 27/05/2017
    • babucm 29/05/2017
  2. Meena Bhardwaj 27/05/2017
    • babucm 29/05/2017
  3. Bindeshwar Prasad sharma 27/05/2017
    • babucm 29/05/2017
    • babucm 29/05/2017
  4. डी. के. निवातिया 27/05/2017
    • babucm 29/05/2017
  5. Kajalsoni 27/05/2017
    • babucm 29/05/2017
  6. Shishir "Madhukar" 27/05/2017
    • babucm 29/05/2017
  7. Madhu tiwari 27/05/2017
    • babucm 29/05/2017
  8. MANOJ KUMAR 27/05/2017
    • babucm 29/05/2017

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