वजूद

आंखों की यह पलकें झपका के तो दिखासच बताऊ यह भी ना कर पाएगा।उस परमात्मा के कारण ही तेरा वजूद हैउसके बिना, मिट्टी में मिल जाएगा।यह पैसा, यह शरीर सब नाशवान हैंकुछ भी साथ ना जाएगा।मरने के बाद भी, कुछ लोगो की जरूरत होगीनहीं तो “सुखबीर” शमशान कैसे जाएगा।

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10 Comments

  1. md. juber husain md. juber husain 26/05/2017
  2. Bindeshwar prasad sharma bindeshwar prasad sharma 26/05/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 26/05/2017
  4. Kajalsoni 26/05/2017
  5. vijaykr811 vijaykr811 26/05/2017
  6. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 26/05/2017
  7. C.M. Sharma babucm 26/05/2017
  8. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 27/05/2017
  9. Sukhbir95 27/05/2017

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