८३. मेरे पापा हैं…………..“मनोज कुमार”

मेरे पापा हैंपापा हैं तो क्या है ?पापा हैं विश्वाश हैं उत्सुकता और आस है शक्ति का संचार है मम्मी का भी प्यार है सबसे अच्छे यार हैं पापा सबसे अच्छे यार हैंसब आजादी अपनी हैं अमिट कहानी अपनी हैबेशक हैं हम छोटे लेकिन सोच हमारी ऊँची है दुनिया के ये खेल खिलौने सब अपनी सरकार है जिसको चाहो जब चाहो बस कहने की दरकार है सबसे अच्छे यार हैं पापा सबसे अच्छे यार हैंगुडिया गुड्डा कपड़ा जूता जो चाहे मंगवालोटॉफी बिस्कुट जितनी चाहो गुब्बारे मंगवालो काजू और बादाम बड़े अनार भी मंगवालोकोपी पेन्सिल और किताब जो चाहे मंगवालोसबसे अच्छे यार हैं पापा सबसे अच्छे यार हैंजेब खर्च कितना भी कर लो खत्म नही होने देंगेजितना चाहो गुस्सा हों पापा तो मना लेंगे पापा है फिर डर काहे का सपना सच कर जायेंगे पापा हैं दीवार सुरक्षा जी भर ख़ुशी मनायेंगे सबसे अच्छे यार हैं पापा सबसे अच्छे यार हैंरोज सुबह जल्दी उठ जाते गोदी मैं हमको ले जाते सुबह शाम की सैर कराते मौसम का आन्नद दिलाते चिड़िया कौवा बगुला मौर बहुत सारे खग पशु दिखाते खूब प्यार हमको हैं करते जब भी वो घर आतेसबसे अच्छे यार हैं पापा सबसे अच्छे यार हैं “मनोज कुमार”

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20 Comments

  1. babucm 25/05/2017
    • MANOJ KUMAR 27/05/2017
  2. Shishir "Madhukar" 25/05/2017
    • MANOJ KUMAR 27/05/2017
  3. ANU MAHESHWARI 25/05/2017
    • MANOJ KUMAR 27/05/2017
  4. डी. के. निवातिया 25/05/2017
    • MANOJ KUMAR 27/05/2017
    • MANOJ KUMAR 27/05/2017
  5. vijaykr811 25/05/2017
    • MANOJ KUMAR 27/05/2017
  6. bindeshwar prasad sharma 25/05/2017
    • MANOJ KUMAR 27/05/2017
  7. Kajalsoni 25/05/2017
    • MANOJ KUMAR 27/05/2017
  8. Meena Bhardwaj 25/05/2017
    • MANOJ KUMAR 27/05/2017
  9. Madhu tiwari 26/05/2017
    • MANOJ KUMAR 27/05/2017

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