लोभा गइनी हम – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा बिन्दु

  चॉद तहरा के देखनी लोभा गइनी हमगम जतना रहे सब भुला गइनी हम। चाह में ऐसे काहे बदल गइनी हमका कहीं अइसन काहे निकल गइनी हम। प्यार में धोखा कइसे के खा गइनी हमजाल में उनकर कइसे के आ गइनी हम। दिल का कइलस घायल सा हो गइनी हमरूप में उनके पागल सा हो गइनी हम। याद इंतजार में काहे रह गइनी हमबात मननी न केकरो विखर गइनी हम। चाल अइसन चलल कि हेरा गइनी हमवक्त अइसन भइल कि घेरा गइनी हम। एगो कइसन बंधन से बंधा गइनी हमइश्क के घर में काहे लजा गइनी हम। बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा  बिन्दु   

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

18 Comments

  1. shikha nari 18/05/2017
    • Bindeshwar prasad sharma 18/05/2017
  2. Shishir "Madhukar" 18/05/2017
    • Bindeshwar prasad sharma 18/05/2017
    • Bindeshwar prasad sharma 18/05/2017
  3. डी. के. निवातिया 18/05/2017
    • Bindeshwar prasad sharma 18/05/2017
  4. Meena Bhardwaj 18/05/2017
    • Bindeshwar prasad sharma 18/05/2017
  5. ANU MAHESHWARI 18/05/2017
    • Bindeshwar prasad sharma 18/05/2017
  6. कृष्ण सैनी 18/05/2017
  7. bindeshwar prasad sharma 18/05/2017
  8. babucm 18/05/2017
  9. bindeshwar prasad sharma 19/05/2017
  10. Madhu tiwari 19/05/2017
    • bindeshwar prasad sharma 26/05/2017

Leave a Reply