रास्ता मैं बतलाता हूँ- आशीष अवस्थी

राहों के पत्थर देखे इतनेके अब नहीं संभल पाता हूँअपने पीछे चलते चलतेखुद से दूर निकल जाता हूँअब तो कोई रोक लो आकेमैं लीक तोड़ कर जाता हूँफिर न कहना, के कहा नहीं ?सब पहले से बतलाता हूँझूमो तुम सब मैखाने जाकरआओ ,रास्ता मैं बतलाता हूँ।

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8 Comments

  1. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 15/05/2017
  2. C.M. Sharma babucm 16/05/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 16/05/2017
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/05/2017
    • Ashish Awasthi Ashish Awasthi 17/05/2017

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