दिल आवारा कर लिया जाये – राकेश आर्यन

चलो आज फिर से दिल आवारा कर लिया जाये
टूटे हुए हर टुकड़े को सितारा कर लिया जाये
मुत्तासीफ बयार बेरुखी के आने से पहले
चलो किनारा करने वालों से किनारा कर लिया जाये
आहिस्ता आहिस्ता सब छूट जाने का सफर है ये
वक़्त का तकाज़ा है के खुद से ही ताउम्र गुजारा कर लिया जाये
चलो आज फिर से ये दिल आवारा कर लिया जाये
फुरकत में हो दिल और दिल की जोर आजमाइश हो कोई
या आंखों से हुई गुफ़्तगू की हर घड़ी साजिश हो कोई
दूर से ही उन आँखों को आँखों का इशारा कर लिया जाये
चलो आज फिर से दिल आवारा कर लिया जाये

7 Comments

  1. MANOJ KUMAR 11/05/2017
  2. Shishir "Madhukar" 12/05/2017
  3. babucm 12/05/2017

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