सच्चा इंसान:-विजय

कोई किसी का बन गया है भक्त,कोई किसी का विरोधी
असली मुददे से सब भटके है,गरीब तो मांगे बस रोटी

कोई कहता है झाड़ू अपनाओ,कोई कहता है फूल
लालटेन,हाथ कतार में है सब,बनाते रोज जनता को मूर्ख

लड़ा रहे लोगो को नाम ये लेकर,कभी हिन्दू कभी मुसलमान
और खुद साथ में बैठकर करते,दावत,नाच और गान

कितने का घर का जलता न चूल्हा,पर जला रहे है देश
कभी साधु कभी मौलवी,न जाने कितने इनके है भेष

कभी ईद है कभी दिवाली,कभी होली कभी रमजान
अपने देश की यही खूबसूरती,जो पहचाने वही है सच्चा इंसान

18 Comments

  1. डी. के. निवातिया 10/05/2017
    • vijaykr811 12/05/2017
  2. Shishir "Madhukar" 10/05/2017
    • vijaykr811 12/05/2017
  3. arun kumar jha 10/05/2017
    • vijaykr811 12/05/2017
  4. MANOJ KUMAR 10/05/2017
    • vijaykr811 12/05/2017
  5. ANU MAHESHWARI 10/05/2017
    • vijaykr811 12/05/2017
  6. Kajalsoni 11/05/2017
    • vijaykr811 12/05/2017
  7. babucm 11/05/2017
    • vijaykr811 12/05/2017
    • vijaykr811 12/05/2017
  8. ashwin1827 12/05/2017
    • vijaykr811 12/05/2017

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