मेरा धाम हो गया – शिशिर मधुकर

अपने हाथों मेरे जीवन में ही ये काम हो गयागलत राहों पे चल तन्हा मैं सरे शाम हो गयाचलेगी ज़िन्दगी गतिमान हो सोचा था ये मैंनेचले कुछ दूर थे लो हर तरफ़ से जाम हो गया खुशी पाते थे सब जो भी मेरे साथ जुड़ते थेना जाने क्या हुआ ग़म ही अब आम हो गयालोग कहते थे मेरी बातों से तो फूल झरते हैबिष साथ आया विषधर ही मेरा नाम हो गया बड़ा तरसा हूँ मैं इस जिंदगी में प्रेम की खातिरमिला मुझको जहाँ भी ये वो मेरा धाम हो गयाशिशिर मधुकर

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14 Comments

  1. ANU MAHESHWARI 06/05/2017
    • Shishir "Madhukar" 06/05/2017
  2. babucm 06/05/2017
    • Shishir "Madhukar" 06/05/2017
  3. ashwin1827 06/05/2017
    • Shishir "Madhukar" 06/05/2017
  4. डी. के. निवातिया 06/05/2017
    • Shishir "Madhukar" 06/05/2017
  5. bindeshwar prasad sharma 06/05/2017
    • Shishir "Madhukar" 06/05/2017
  6. MANOJ KUMAR 08/05/2017
    • Shishir "Madhukar" 08/05/2017
  7. Meena Bhardwaj 08/05/2017
    • Shishir "Madhukar" 08/05/2017

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