बिछुड़न – मनुराज वार्ष्णेय

वो बातें तुम याद करोगे जब दूर तुमसे हम हो जायेंगेफिर गलियों में ढूँढा करोगे जब नजरों से हम खो जायेंगेवो नजरों का टकरा जाना आँखों आँखों की वो बातेंवो प्यार भरा दिल का नजराना वो पल भर की मुलाकातेंये बातें तुमको सताएंगी और इन बातों का दोहरानाफिर नम होंगे वो नैना जब राज याद कोई आएगा पुरानानजदीक तुम्हारे आये कभी जो उन एहसासों से टकराओगेदिल ने दिल को जो मारी टक्कर उन भावों से भर जाओगेवो रातों की बातें दिन भर की चैटिंग ये तुमको बहुत सताएंगीमेरी ज़िन्दगी का था वो राज ये बार बार तुमको जताएंगीमुश्किल है मुझको भूल पाना उन यादों से पीछा छुड़ानाफिर नम होंगे वो नैना जब राज याद कोई आएगा पुरानाराहत की बात सुनो मुझसे तुम मैं प्यार तुम्ही से करता हूँदिन बीते या फिर रात ढले मैं याद तुझे ही करता हूँजो दूर आज मै हूँ तुझसे अब कोई खुशी न मिलती हैतेरे साथ बिताए पलों की सिर्फ तस्वीरें ही मिलती हैमैं लौट जरूर ही आऊंगा तू इंतजार मेरा करनाइस राज से न नाराज होना न नम करना ये नैनाकवि – मनुराज वार्ष्णेय

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5 Comments

  1. babucm 02/05/2017
  2. Madhu tiwari 02/05/2017
  3. bindeshwar prasad sharma 02/05/2017
  4. डी. के. निवातिया 02/05/2017

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