बस राज़ है इतना – शिशिर मधुकर

मुझे अपनी मुहब्बत पे सुनो जी नाज़ है इतना बनाया जिसने जानेमन हसी तुम्हें आज है इतनादीवाना हसीनॉ का तो मैं पहले भी होता था मगर तुमको सराहे जाऊँ बस अब काज है इतनाउन्हें चेहरे पे मेरे आजकल मुस्कान दिखती है तुम्हें विश्वास है मुझ पर इसका बस राज़ है इतनातेरी चाहत में मैं इतना तेरे नज़दीक आया हूँ तेरे दिल में क्या बसता है अब तो अंदाज है इतनामुहब्बत पाक हो मधुकर तो सारे काम बनते हैं ज़माना कहता है फिर देखो वो तीरंदाज है इतना शिशिर मधुकर

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16 Comments

    • Shishir "Madhukar" 30/04/2017
  1. bindeshwar prasad sharma 29/04/2017
    • Shishir "Madhukar" 01/05/2017
  2. Madhu tiwari 29/04/2017
    • Shishir "Madhukar" 30/04/2017
  3. Bindeshwar prasad sharma 30/04/2017
    • Shishir "Madhukar" 30/04/2017
  4. mani 30/04/2017
    • Shishir "Madhukar" 30/04/2017
  5. babucm 01/05/2017
    • Shishir "Madhukar" 01/05/2017
  6. Rinki Raut 01/05/2017
    • Shishir "Madhukar" 01/05/2017
  7. Meena Bhardwaj 01/05/2017
    • Shishir "Madhukar" 01/05/2017

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