एक अनजान डगर

जिस दिन आए थे तुम मुझसे मिल नेबढ गए थे कदम एक अनजान डगर पे।खुशी ओर गम के गोदे खा रहे थेे हम,तुम मुझे खींच रहे थे अपने शहर में।जाने क्या पाना था मुझे और क्या हैं मिला,ये तो तेरे साथ चल कर चलेगा पता।साथ चलने की कसम खा रहे थे तुम मगर,जाने कितना दे सकोगे साथ मेरा।ये तो वक्त आने पर चलेगा पता।तुम गलत हो या सही,अब तलक न जान पाए हम।आज तेरे संग हंस कर गुजार लू,कल की है किसको खबर।

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14 Comments

  1. chandramohan kisku 15/07/2017
    • Bhawana Kumari 16/07/2017
  2. डी. के. निवातिया 15/07/2017
    • Bhawana Kumari 16/07/2017
  3. SARVESH KUMAR MARUT 16/07/2017
    • Bhawana Kumari 16/07/2017
  4. ANU MAHESHWARI 16/07/2017
    • Bhawana Kumari 16/07/2017
  5. Madhu tiwari 16/07/2017
    • Bhawana Kumari 19/07/2017
  6. Anjali yadav 16/07/2017
    • Bhawana Kumari 19/07/2017
  7. Shishir "Madhukar" 17/07/2017
    • Bhawana Kumari 19/07/2017

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