सोचो, समझो और परखो

दिल में कुछ, जबान पर कुछ नज़र आता है lकौन अपना, कौन पराया समझ नहीं पाता हैlकब कौन पीठ में, छूरा घोप दे कुछ नहीं पता lकभी-कभी विश्वास-पात्र भी धोखा दे जाता है llचंद पलो की मुलाकात से, पहचान नहीं सकते lकिसी के दिल में क्या छिपा है जान नहीं सकते llमन की भवरों को आसानी से यूँ अगर पढ़ पाते lशायद दोस्त कम यहाँ दुश्मन ज्यादा नज़र आते llरूप -रंग से सुंदरता आक सकते हो  व्यक्तित्व नहीं lबंद जबान से चुप्पी आक सकते हो कडवडाहट नहीं llबिन व्यक्तित्व ,साथ पल बिता सकते हो जिंदगी नहीं lजबान से निकली कोई बात कभी वापिस आती नहीं llइसलिए रूप की सुंदरता से ही मन की  सुंदरता  आको lकिसी के मन में क्या छिपा है पहले अच्छी तरह भाँपो llजल्दबाजी में लिए निर्णेय से सिर्फ पछतावा ही होता है lजल्दबाजी का काम  इंसान का नहीं, शैतान का होता है ll—————

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18 Comments

    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 26/04/2017
  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/04/2017
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 26/04/2017
  2. C.M. Sharma babucm 26/04/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 26/04/2017
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 26/04/2017
  4. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 26/04/2017
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 26/04/2017
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 26/04/2017
  5. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 26/04/2017
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 26/04/2017
  6. Bindeshwar prasad sharma bindeshwar prasad sharma 26/04/2017
  7. chandramohan kisku chandramohan kisku 26/04/2017
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 26/04/2017
  8. Madhu tiwari Madhu tiwari 27/04/2017
  9. Bindeshwar prasad sharma bindeshwar prasad sharma 27/04/2017
  10. Kajalsoni 28/04/2017

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