पल दो पल के सपने

ये सपने हर पल में आते क्यों है ,तितली बन कर उड़ जाते क्यों है,देकर ख्वाबो में खुशियाँ,दूर चले जाते क्यों है .जब ये अपने होते नहीं है ,अपने बन कर दिखते क्यों है .जितना एहसास पास होने का,उतना ही दूर जाते क्यों है .पल दो पल में सजकर ,ये सपने भिखरते क्यों है .सपने ऐसे होते क्यों है .यादो का झुरमुट लिए, ये सपने आते क्यों है .सावन की कभी हरियाली बनकर ,.पल दो पल में रुककर,पतझड़ में मिल जाते क्यों है .ये सपने ऐसे होते क्यों है .जब नग्मों की धुन अधूरी ,रह जाती है ,तो मधुर तान सी बनकर आते क्यों है..ये सपने ऐसे होते क्यों है .जितना इन्हे चाहू , बस चाहते जाऊ.उतना ही डर इन्हे खोने का क्यों है ..ये सपने ऐसे होते क्यों है ..                   ये सपने ऐसे होते क्यों है ….                            ANJALI YADAV 

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

11 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/04/2017
    • Anjali yadav 26/04/2017
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 25/04/2017
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 25/04/2017
  4. md. juber husain md. juber husain 25/04/2017
  5. C.M. Sharma babucm 25/04/2017
  6. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 25/04/2017
  7. Kajalsoni 27/04/2017
  8. Ashok kumar 15/11/2019
  9. Ashok kumar 15/11/2019

Leave a Reply