चेतना की डोर

 अतीत को आंकिये अब नासमझ निगाहों सेबन जाएगी जहर जिंदगी बेबुनियाद इरादों से।आने वाला कल ही भविष्य के लिए उजागर होगामानवमात्र का उसका कर्म अमृत का सागर होगा।इंसान की इंसानियत भला कब तक कैद रखेंगेईमान बदल गई उनकी जिलानें को बैद्य रखेंगे।उसे क्या समझायेंगे आप कि हैवान अब बनोहवालों और घोटालों का आप मेहमान बनो।जिंदगी अनमोल रतन जतन करने के लिएबुराईयॉ जितनी भी हो पतन करने के लिए।तभी देश के जागरूक कर्णधार नागरिक कहलायेंगेभाईभाई बहनबहन मिलकरए फूलों सा लहरायेंगे।आपस मे मद्.द्वेष मिटाकर मिलकर आगे बढ़ना हैबड़ेछोटां का क्लेश हटा उॅच शिखर पर चढ़ना है।ये वतन अपना ही समझो जो सब देशों से न्यारा हैईनक्लाब हो जिनका नारा झण्ड़ा तिरंगा प्यारा है।कुछ करने की ताकत मन में इच्छा से ही आती हैसफल होना है गर तुमको स्वेक्षा मन को भाती है।नया इतिहास बनाकर हम भी औरों को दिखलायेंगेअमेरिकारूसजापान जैसे दुनिया को सिखलायेंगे।डिगो अपने प्रण के पथ से यह बिन्दु का नारा हैदेश हमारा वतन है प्यारा सब देशों से न्यारा है।बी पी शर्मा  बिन्दु

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

10 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 24/04/2017
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 30/04/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 24/04/2017
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 30/04/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 24/04/2017
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 30/04/2017
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 30/04/2017
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 25/04/2017
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 30/04/2017

Leave a Reply