सोचो ! अगर ये ना होता…

सोचो अगर ये रात ना होती, तो क्या होता lइंसा हर पल दो के चार, में ही लगा होता llदिल को सुकून, ना दिमाग को आराम होता lइंसा परेशा है जितना और ज्यादा परेशा होताllसोचो अगर ये सूरज ना होता, तो क्या होता lबिन सूरज धरती पर जीवन संभव ना होता llबिन सूरज पेड़-पौधे अपना भोजन न कर पातेlबिन पेड़-पौधों के फिर हम साँस भी न ले पाते llसोचो अगर ये पेट ना होता, तो फिर क्या होता lना कुछ खाना होता ना फिर कुछ कमाना होता llना इंसान दिन-रात की आप-धापी में यूँ खोता lफिर जब कुछ न होता, तो ये जीवन भी न होता llसोचो अगर इंसानियत, ना होती तो क्या होता lदया, धर्म, मानवता ,क्या होती है पता ना होता llलोग आपस में ही, एक दूजे से लड़कर मर जाते lफिर न यहाँ हम होते, ना ही यहाँ तुम रह पाते llदेखा जरुरी है हर चीज़,  जिसे ईश्वर ने बनाया है lसब उसकी कठपुतली है ,सबको उसी ने नचाया हैll————-

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15 Comments

  1. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 21/04/2017
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 22/04/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/04/2017
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 22/04/2017
  3. Anjali yadav 21/04/2017
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 22/04/2017
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 21/04/2017
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 22/04/2017
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 22/04/2017
  5. C.M. Sharma babucm 22/04/2017
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 22/04/2017
  6. Kajalsoni 22/04/2017
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 22/04/2017
  7. mani mani 23/04/2017

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