ग़ज़ल-खुशबू चमन की मेरे कोई ले गया–मनिंदर सिंह “मनी”

खुशबू चमन की मेरे कोई ले गया |नफरत भरी कैसी फ़िज़ा ये दे गया ||कहती दिखे दुनिया गमो की बात को |जाने ख़ुशी के कौन सब पल ले गया ||जलते घरोंदे राम के अल्लाह के |बहती हवा को आग कोई दे गया || देखो शिला पर दूध तो चादर कहीं | कैसी इबादत की वजा सी दे गया ||डूबे “मनी” मद के प्यालो में बशर |फिर ये गरीबी कौन दामन में दे गया ||मनिंदर सिंह “मनी”

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19 Comments

    • mani mani 18/04/2017
  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 18/04/2017
    • mani mani 18/04/2017
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 18/04/2017
    • mani mani 18/04/2017
  3. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 18/04/2017
    • mani mani 18/04/2017
  4. C.M. Sharma babucm 19/04/2017
    • mani mani 19/04/2017
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/04/2017
    • mani mani 19/04/2017
  6. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 19/04/2017
    • mani mani 23/04/2017
  7. Madhu tiwari Madhu tiwari 21/04/2017
    • mani mani 23/04/2017
    • mani mani 23/04/2017
  8. Kajalsoni 22/04/2017
    • mani mani 23/04/2017

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