छोर छोर वार थोरा प्यार बांट ले

छोर छोर वार थोरा प्यार बांट लेजिवन के है दिन चार अपने जुल्म थाम लेकभी सोचता है उनपर क्या बीतती है बातजिनकी गोद सूनी और जो हो गए अनाथक्यो कर दिये है सूने तूने सुहागन की मांगइनकी थी कुछ खता या तुमसंग दुश्मनी थी आजजरा अपने आप से ये सवाल जान लेछोर…………..तेरा भी तो घर होगा कोई परिवार होगातेरी भी तो मॉ होगी बच्चो से प्यार होगातेरा भी किन्ही आखो को इन्तजार होगाखुदा न करे तुझ पे आ जाए जो बलासोचा है कभी उनपे क्या बीतेगी बताजरा रूह से तो अपनी ये बात जाच लेछोर…………कब तक करेगा काम अपने रूह के खिलाफकितना भाग लेगा सच्चाईयो को त्यागइक दिन तुझे तेरा तन जवाब दे देगाकाल जो लेजायेगा खुदा के दरबारबता क्या करेगा जवाब क्या देगा चल आज से मुहाब्बत का काम ठान लेछोर………..बता तेरे इस काम से कौन है खुशीमॉ भी रो रही है पत्नी भी है दुखी बच्चो के माथे लग गई कलंक ये तेरीतूने जो कमाया धन वो किस काम केमिल सकी न जिससे किसी को भी खुशीजो सबके दिल को भाए एैसा काम छाट लेछोर……………

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5 Comments

    • arun kumar jha 27/04/2017
  1. mani 17/04/2017
    • arun kumar jha 27/04/2017
  2. Khushbu 05/08/2017

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