जय हनुमान — मधु तिवारी

जय महावीर जय हनुमानकर न सके तेरा गुणगानपवन पुत्र हे केशरी नंदनअंजना पुत्र सदा दुख भंजनकरो प्रभु जग का कल्याणकर न सके तेरा गुणगानसूरज निगला बालापन मेशौर्य प्रसिद्ध हुआ जनमन मेपाया जग मे सदा ही मानकर न सके तेरा गुणगानसबसे बड़ा हुआ रामभक्त हैतुझ संग राम भी हुआ सशक्त हैहिरदय चीर दिखाया सीयरामकर न सके तेरा गुणगानसीय को खोजा लंका जलायाधर्म युद्ध प्रभु साथ निभायाराम विजय मे अद्भुत शानकर न सके तेरा गुणगानजो भी आया शरण तिहारेतुरत ही उसका कष्ट निवारेमधु को भी कर शरण प्रदानकर न सके तेरा गुणगान ————-आप सभी कवि मित् मेरी ओर से हनुमान जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं ।मधु तिवारी

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