वन महोत्सव

वन महोत्सवआओ मिलकर वृक्ष लगाएँ,मिलकर करें रखवालीपेड़ काटने वालों से पूछें हमबनकर एक सवाली।‘आज पेड़ जो काट रहे हो,क्या तुमने कभी ये सोचा?’‘कितने वृक्ष लगाए जीवन में?’,‘क्या तुमने खुद से पूछा?’‘वृक्षों से जीवन चलता है।’‘क्या कभी इस पर किया विचार?’‘कितने बरस में फल देने कोहोते ये तैय्यार?’‘काट रहे हो इन पेड़ों को जोक्या छोड़ोगे विरासत?’,‘अपना जीवन तो नष्ट किया ही,अब, संतति होगी आहत।’आज से ही कर लो प्रण कि,‘है वृक्षों को बचाना,जीवन सुख से बीते अब,है धरती को स्वर्ग बनाना।’नि. शार्दुल “हक़”कक्षा – VII– B,St. Thomas School,Indirapuram, U.P. – 201014

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4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 04/04/2017
    • नि. शार्दुल "हक़" 04/04/2017
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 04/04/2017
    • नि. शार्दुल "हक़" 04/04/2017

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