सच्चा प्यार – अजय कुमार मल्लाह

————– (1) —————मनचाहा प्यार मिले सबको, ऐसी किस्मत नहीं होती, बंदिशें तोड़कर अपनाए, इतनी हिम्मत नहीं होती, रौंद जाते सब अरमान और छोड़ जाते हैं तन्हा, ऐसे तोड़ते हैं दिल कि, फिर मरम्मत नहीं होती।————– (2) —————क्यूं होता आशिक़ी में आशिक़ बीमार क्या जाने, होता इज़हार, इकरार या फिर इन्कार क्या जाने, जिसकी नज़रें निगाहों मेंं नहीं जिस्म पर टिकी हों, जिसे हो भूख अस्मत की वो सच्चा प्यार क्या जाने।————– अजय कुमार मल्लाह —————

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

14 Comments

  1. mani 01/04/2017
  2. ANU MAHESHWARI 01/04/2017
  3. Meena Bhardwaj 01/04/2017
  4. Kajalsoni 01/04/2017
  5. डी. के. निवातिया 01/04/2017
  6. babucm 01/04/2017
  7. Shishir "Madhukar" 01/04/2017

Leave a Reply