मुहब्बत चीज़ ऐसी है (2)- शिशिर मधुकर

मुहब्बत चीज़ ऐसी है करती मेहरबानियां हरदम ज़िन्दगी रूठ जाती है अगर हों तन्हाईयां हरदम दूर तुम हो गए मुझ से ये सितारों की मर्जी थी फिर भी रहती हैं मेरे साथ में परछाइयां हरदम चोट सह लेता हूँ गहरी पर तुझको ना भूला हूँ देख लेता हूँ ख्वाबों में मैं तेरी रानाईयां हरदम कितनी मुद्दत हुई ना कोई तुझसे बात हो पाईकभी बजती थी आवाज़ की शहनाईयां हरदम लाख चाहा दुनिया ने छवि दिल से नही मिटतीयाद आती हैं मुझको भोली अंगड़ाईयां हरदम तेरे जलवों से मधुकर बज़्म में कितने उजाले थेहर शख्स में दिखाई देती है अब बुराइयां हरदम शिशिर मधुकर

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14 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 25/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 25/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 25/03/2017
  2. C.M. Sharma babucm 25/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 25/03/2017
  3. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 25/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 25/03/2017
  4. Kajalsoni 25/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 25/03/2017
  5. आलोक पाण्डेय आलोक पान्डेय 25/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 27/03/2017
  6. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 26/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 27/03/2017

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